मिलिंद नगर बुद्ध विहार, पठाणपुरा वॉर्ड, चंद्रपूर येथे त्यागमूर्ती माता रमाई जयंती साजरी….

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चंद्रपुर-7 मार्च 2021 को मिलिंद नगर बुद्ध विहार , पठाणपुरा वॉर्ड मे रमाई जयंती धुमधाम के साथ, हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी. माता रमाई की जयंती मतलब त्याग का दर्पण. माता रमाई ने उनके जीवन मे जो दुःख दर्द देखा है , वो शायद ही किसिने देखा होगा.
माता रमा ने उनके माता की और पिता की मृत्यू से लेकर अपनी चार संतान की मृत्यू देखी है.
माता रमा के पास तो एक संतान की मृत्यू के कफन के पैसे भी नही थे तो फिर अपनी साडी का तुकडा फाडकर कफन बना लिया.

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बाबासाहेब जब विलायत मे थे तब माता रमा विलायत मे बाबासाहेब को पैसे भी भेजा करती थी. ये बात एक मिसाल है उस जमाने की.

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बाबासाहेब की पत्नी माता रमाई की वजह से बाबासाहेब इतना आगे तक पढ पाये.
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथी ऍड योगिता रायपुरे मॅडम ने माता रमाई के जीवन पर मार्गदर्शन किया.
डॉ क्षमा गवई मॅडम ने सुत्र संचालन और माता रमाई के जीवन से जुडे हर एक पेहलू को आसान भाषा मे सांझा किया.
◆बुद्ध वंदना से कार्यक्रम की शूरवात हुई
◆माता रमाई पर मार्गदर्शन किया गया
◆छोटे बालक के हथो से माता रमाई लिखा हुआ केक काटा गया
◆ चॉकलेट बाटे गये
◆ #ऍड #डॉ #सुरेश #माने सर #लिखित “#माणगाव #परिषद #आंबेडकरी #संघर्षाचे #रणशिंग” इस #किताब के बारे मे जाणकारी दी गयी. 20 से ज्यादा किताब लिख चुके ऍड डॉ सुरेश माने सर की ये बहुत महत्वपूर्ण किताब है.
◆ अंत मे आभार प्रदर्शन के साथ माणगांव परिषद किताब के बारे मे मैने जाणकारी प्रस्तुत की….

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